🌿 MPYPCP
होमपात्रतापाठ्यक्रमशुल्क & किश्तFAQदेश के जिले (780) 📞 कॉल करें: 7393925979 💬 WhatsApp पूछताछ Official Website »
✓ 2007 से संचालित ✓ ISO 9001:2015 प्रमाणित ✓ आयुष प्राकृतिक चिकित्सा परिषद ✓ IYA एसोसिएट सदस्य ✓ 10,000+ प्रशिक्षित प्राकृतिक चिकित्सक
🌿 MPYPCP • 2007 से शिक्षण ISO 9001:2015 राज्य हब: Arunachal Pradesh (26 जिले)

Arunachal Pradesh (अरुणाचल प्रदेश) में DNYS कोर्स उपलब्ध: प्रवेश सत्र 2026-27

Arunachal Pradesh के 12वीं पास युवाओं और नौकरीपेशा लोगों के लिए आयुष एवं प्राकृतिक चिकित्सा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का स्वर्णिम अवसर। 3.5 वर्ष अवधि, 15 प्रश्नपत्र आधिकारिक पाठ्यक्रम (1,500 अंक) एवं राज्य के सभी 26 जिलों में स्थानीय अध्ययन मार्गदर्शन।

26 कुल जिले कवर्ड
12वीं पास सीधा प्रवेश (मेरिट आधार)
ISO 9001:2015 MPYPCP लखनऊ
प्रवेश सत्र 2026-27

DNYS कोर्स एडमिशन गाइड व फीस विवरण पाएं

नीचे विवरण भरें — हमारा अकादमिक सलाहकार आपको 15 मिनट में WhatsApp पर मार्गदर्शन देगा।

🔒 आपका डेटा सुरक्षित है · कोई स्पैम नहीं · या सीधे कॉल करें: +91-7393925979
⚡ Arunachal Pradesh में DNYS 2026 प्रवेश, फीस किश्त एवं सेंटर विवरण

Arunachal Pradesh के किसी भी जिले से घर बैठे 15 मिनट में आधिकारिक विवरणिका WhatsApp पर प्राप्त करें।

💬 WhatsApp पर जानकारी पाएं →
राज्य स्तरीय शैक्षणिक व वेलनेस विश्लेषण

Arunachal Pradesh में प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग का इकोसिस्टम

अरुणाचल प्रदेश अपनी प्रचुर वानस्पतिक विविधता, औषधीय पौधों की उपलब्धता और शुद्ध प्राकृतिक वातावरण के कारण प्राकृतिक चिकित्सा और हर्बल वेलनेस के लिए एक आदर्श क्षेत्र है। पूर्वोत्तर की पारंपरिक जीवनशैली प्रकृति के बेहद करीब है, जो निवारक स्वास्थ्य देखभाल और योग के अनुकूल वातावरण प्रदान करती है। राज्य में वेलनेस सेक्टर अभी अपने विकास के चरण में है, लेकिन स्थानीय आदिवासी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और आधुनिक प्राकृतिक चिकित्सा के समन्वय से यहाँ स्वास्थ्य पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं, जो राज्य के समग्र स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ कर रही हैं।

Arunachal Pradesh के छात्रों के लिए स्वरोजगार व क्लिनिक के अवसर

अरुणाचल प्रदेश के महत्वपूर्ण जिलों जैसे ईटानगर, तवांग, पासीघाट और नाहरलागुला में DNYS स्नातकों के लिए उद्यमिता के अनूठे अवसर मौजूद हैं। युवा चिकित्सक यहाँ इको-वेलनेस रिट्रीट, प्राकृतिक चिकित्सा और योग केंद्र स्थापित कर सकते हैं, जो पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों दोनों को आकर्षित करते हैं। इसके अलावा, सरकारी और निजी स्वास्थ्य पहलों के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में वेलनेस कंसल्टेंट, प्रिवेंटिव हेल्थकेयर एडवाइज़र और ट्राइबल हीलिंग सेंटर्स के आधुनिकीकरण में विशेषज्ञ के रूप में कार्य करने के बेहतरीन अवसर उपलब्ध हैं।

विधिक नियम एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र संचालन

अरुणाचल प्रदेश में प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र या ड्रगलेस थेरेपी क्लिनिक संचालित करने के लिए राज्य के स्थानीय प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभागों के नियमों का पालन करना होता है। चूंकि यह क्षेत्र पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील और जनजातीय स्वायत्तता के अंतर्गत आता है, इसलिए केंद्र संचालन के लिए उचित स्थानीय अनुमतियाँ और व्यावसायिक पंजीकरण आवश्यक हैं। राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त संस्थानों से डिग्री और प्रतिष्ठित योग-प्राकृतिक चिकित्सा परिषदों या बोर्ड से संबद्धता होना कानूनी अनुपालन, पेशेवर मान्यता और मरीजों के विश्वास के लिए अनिवार्य है।

Arunachal Pradesh के सभी 26 जिलों की डायरेक्टरी (DNYS Available)

अपने जिले पर क्लिक करें और स्थानीय अध्ययन केंद्र व प्रवेश प्रक्रिया देखें

Anjaw →
ऑनलाइन / हाइब्रिड
Changlang →
ऑनलाइन / हाइब्रिड
Dibang Valley →
ऑनलाइन / हाइब्रिड
East Kameng →
ऑनलाइन / हाइब्रिड
East Siang →
ऑनलाइन / हाइब्रिड
Kamle →
ऑनलाइन / हाइब्रिड
Kra Daadi →
ऑनलाइन / हाइब्रिड
Kurung Kumey →
ऑनलाइन / हाइब्रिड
Lepa Rada →
ऑनलाइन / हाइब्रिड
Lohit →
ऑनलाइन / हाइब्रिड
Longding →
ऑनलाइन / हाइब्रिड
Lower Dibang Valley →
ऑनलाइन / हाइब्रिड
Lower Siang →
ऑनलाइन / हाइब्रिड
Lower Subansiri →
ऑनलाइन / हाइब्रिड
Namsai →
ऑनलाइन / हाइब्रिड
Pakke Kessang →
ऑनलाइन / हाइब्रिड
Papum Pare →
ऑनलाइन / हाइब्रिड
Shi Yomi →
ऑनलाइन / हाइब्रिड
Siang →
ऑनलाइन / हाइब्रिड
Tawang →
ऑनलाइन / हाइब्रिड
Tirap →
ऑनलाइन / हाइब्रिड
Upper Dibang Valley →
ऑनलाइन / हाइब्रिड
Upper Siang →
ऑनलाइन / हाइब्रिड
Upper Subansiri →
ऑनलाइन / हाइब्रिड
West Kameng →
ऑनलाइन / हाइब्रिड
West Siang →
ऑनलाइन / हाइब्रिड
प्रकृति की 5 मूल शक्तियां

पंचमहाभूत (Panchamahabhuta) आधारित प्राकृतिक चिकित्सा

"स्वास्थ्य एवं प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में एक सफल करियर बनाएं — प्राकृतिक चिकित्सा बिना किसी साइड इफेक्ट के शरीर के भीतर मौजूद रोग-प्रतिरोधक शक्ति को जगाती है।"

🌍

पृथ्वी (Mud)

मिट्टी चिकित्सा शरीर से विजातीय द्रव्यों को खींचकर बाहर निकालती है और सूजन शांत करती है।

💧

जल (Water)

कटि स्नान, वाष्प स्नान एवं एनिमा से रक्त संचार तेज होता है और पाचन तंत्र शुद्ध होता है।

🔥

अग्नि (Fire/Sun)

सूर्य किरण चिकित्सा और रंग चिकित्सा (Chromotherapy) शरीर में विटामिन D और ऊर्जा संतुलन लाती है।

🍃

वायु (Air/Prana)

प्राणायाम एवं वायु स्नान से फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है और मानसिक तनाव समाप्त होता है।

✨

आकाश (Ether/Fast)

उपवास (Fasting) पाचन तंत्र को पूर्ण विश्राम देता है, जिससे कोशिकाएं स्वतः अपनी मरम्मत करती हैं।

पात्रता मापदंड

12वीं पास (न्यूनतम 45%)

चाहे विज्ञान हो, कला (Arts) या वाणिज्य (Commerce) — 12वीं में न्यूनतम 45% अंकों के साथ सीधा प्रवेश। कोई आयु सीमा नहीं।

पाठ्यक्रम अवधि

3.5 वर्ष (3 Yr + 6 Mo)

3 वर्ष अकादमिक अध्ययन (15 प्रश्नपत्र • 1,500 अंक) + 6 माह अनिवार्य नैदानिक इंटर्नशिप व प्रैक्टिकल।

हाइब्रिड एवं ऑनलाइन अध्ययन

ऑनलाइन + प्रैक्टिकल सेंटर

घर बैठे ऑनलाइन डिजिटल थ्योरी व ई-बुक्स, और अधिकृत केंद्रों पर प्रायोगिक कार्यशालाएं।

माध्यम & मोड

हिन्दी / English हाइब्रिड

नौकरीपेशा युवाओं के लिए हाइब्रिड व ऑनलाइन अध्ययन सुविधा, परीक्षा दोनों भाषाओं में देने का विकल्प।

आधिकारिक 15 प्रश्नपत्र • 1,500 अंक

DNYS संपूर्ण 3-वर्षीय पाठ्यक्रम (15 Papers) एवं 24 संदर्भ पुस्तकें

महर्षि पतंजलि योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद (MPYPCP) द्वारा निर्धारित 54-पेज का आधिकारिक सिलेबस (dnys-distribution.pdf)। प्रत्येक प्रश्नपत्र 100 अंक एवं 3 घंटे की लिखित व प्रायोगिक परीक्षा पर आधारित है।

Paper Code सत्र / Year विषय एवं प्रश्नपत्र का नाम (Subject Title) परीक्षा अवधि कुल अंक
Paper I Year 1 (प्रथम वर्ष) Philosophy & Methods of Nature Cure (प्राकृतिक चिकित्सा का दर्शन एवं विधियाँ) 3 Hours 100 Marks
Paper II Year 1 (प्रथम वर्ष) Philosophy & Foundations of Yoga (योग का दर्शन एवं आधारभूत सिद्धान्त) 3 Hours 100 Marks
Paper III Year 1 (प्रथम वर्ष) Anatomy & Physiology (मानव शरीर रचना एवं क्रिया विज्ञान) 3 Hours 100 Marks
Paper IV Year 1 (प्रथम वर्ष) Hygiene, Public Health & First Aid (स्वास्थ्य विज्ञान, जनस्वास्थ्य एवं प्राथमिक उपचार) 3 Hours 100 Marks
Paper V Year 1 (प्रथम वर्ष) General Pathology & Disease Science (रोग विज्ञान का सामान्य अध्ययन) 3 Hours 100 Marks
Paper VI Year 2 (द्वितीय वर्ष) Yoga Therapy (योग चिकित्सा) 3 Hours 100 Marks
Paper VII Year 2 (द्वितीय वर्ष) Hydrotherapy (जल चिकित्सा) 3 Hours 100 Marks
Paper VIII Year 2 (द्वितीय वर्ष) Mud Therapy (मिट्टी चिकित्सा / मृत्तिका चिकित्सा) 3 Hours 100 Marks
Paper IX Year 2 (द्वितीय वर्ष) Chromotherapy & Heliotherapy (रंग एवं सूर्य किरण चिकित्सा) 3 Hours 100 Marks
Paper X Year 2 (द्वितीय वर्ष) Science of Facial Expression (आकृति से रोग की पहचान — Louis Kuhne System) 3 Hours 100 Marks
Paper XI Year 3 (तृतीय वर्ष) Fasting, Nutrition & Dietetics (उपवास, पोषण एवं आहार विज्ञान) 3 Hours 100 Marks
Paper XII Year 3 (तृतीय वर्ष) Manipulative Treatments & Zone Therapy (वैज्ञानिक मालिश, शिरोधारा एवं एक्यूप्रेशर) 3 Hours 100 Marks
Paper XIII Year 3 (तृतीय वर्ष) Study of Hatha Yoga & Patanjali Yoga Sutra (हठयोग एवं पतंजलि योग सूत्र) 3 Hours 100 Marks
Paper XIV Year 3 (तृतीय वर्ष) History & Development of Yogic Philosophy (योग दर्शन का इतिहास एवं विकास) 3 Hours 100 Marks
Paper XV Year 3 (तृतीय वर्ष) Management of Diseases, Clinics & Hospitals (रोग प्रबंधन, प्राकृतिक चिकित्सालय एवं क्लिनिक प्रबंधन) 3 Hours 100 Marks
कुल 15 प्रश्नपत्र + 6 माह अनिवार्य नैदानिक इंटर्नशिप (100% प्रायोगिक प्रशिक्षण): 1,500 Marks

पाठ्यक्रम की 24 प्रामाणिक संदर्भ पुस्तकें (Paper-Mapped)

Louis Kuhne, Dr. H.K. Bakhru, Evelyn C. Pearce, डॉ. विट्ठलदास मोदी एवं प्रसिद्ध विशेषज्ञों की रचनाएं

सभी 24 पुस्तकें देखें →
1. डबास नेचर गाइड (Dabas Nature Guide) Paper I
लेखक: डॉ. आर.एस. डबास (Year 1)
2. दिव्य प्राकृतिक चिकित्सा (Divya Prakritik Chikitsa) Paper I
लेखक: डॉ. रामदत्त शर्मा (Year 1)
3. प्राकृतिक आयुर्विज्ञान (Prakritik Ayurvigyan) Paper I & II
लेखक: डॉ. राकेश जिंदल, संपादक (Year 1)
4. मानव शरीर रचना (Manav Sharir Rachna) Paper III
लेखक: डॉ. जानकीशरण शर्मा (Year 1)
5. शरीर रचना एवं शरीर क्रिया विज्ञान Paper III
लेखक: श्री नंदन बंसल (Year 1)
6. शरीर रचना एवं क्रिया विज्ञान Paper III
लेखक: डॉ. विमल मोदी (Year 1)
7. Anatomy and Physiology for Nurses Paper III
लेखक: Evelyn C. Pearce (Year 1)
8. First Aid to the Injured Paper IV
लेखक: St. John Ambulance Association (Year 1)
9. कब्ज व गैस की अचूक चिकित्सा Paper V
लेखक: डॉ. ओमप्रकाश आनंद (Year 1)
10. जल चिकित्सा (Hydrotherapy) Paper VII
लेखक: डॉ. ओंकारनाथ एवं डॉ. नीरज (Year 2)
11. पृथ्वी (Mud Therapy) Paper VIII
लेखक: डॉ. ओंकारनाथ एवं डॉ. नीरज (Year 2)
12. सूर्य (Heliotherapy & Chromotherapy) Paper IX
लेखक: डॉ. ओंकारनाथ (Year 2)
आत्मनिर्भरता एवं सम्मान

DNYS पूरा करने के बाद करियर और स्वरोजगार के प्रमुख अवसर

प्राकृतिक चिकित्सा केवल एक डिप्लोमा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक स्वतंत्र, प्रतिष्ठित और समाजोपयोगी स्वरोजगार का प्रवेश द्वार है।

स्वतंत्र स्वरोजगार एवं निजी केंद्र

अपनी नेचुरोपैथी क्लिनिक व वेलनेस सेंटर

DNYS पूरा करने के बाद आप अपने जिले या शहर में स्वतंत्र प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग परामर्श केंद्र स्थापित कर सकते हैं। बिना किसी दवा के केवल पंचमहाभूत, जल-मिट्टी व आहार चिकित्सा से रोगियों का उपचार करें।

✓ Arunachal Pradesh एवं राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त अवसर
संस्थागत एवं कॉर्पोरेट स्वास्थ्य

वेलनेस सलाहकार / कॉर्पोरेट योग विशेषज्ञ

कॉर्पोरेट कंपनियों, 5-स्टार वेलनेस सेंटर्स और लग्जरी होटलों में लाइफस्टाइल कोच, स्ट्रेस मैनेजमेंट काउंसलर और डाइट कंसल्टेंट के प्रतिष्ठित अवसर।

✓ Arunachal Pradesh एवं राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त अवसर
शैक्षणिक व सामुदायिक स्वास्थ्य

शिक्षण, प्रशिक्षण व कॉलेज योग फैकल्टी

NEP 2020 के तहत स्कूलों, कॉलेजों, योग अकादमियों और फिटनेस संस्थानों में योग एवं स्वास्थ्य शिक्षक के रूप में प्रतिष्ठित अध्यापन करियर।

✓ Arunachal Pradesh एवं राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त अवसर
डिजिटल स्वास्थ्य परामर्श

स्वास्थ्य उद्यमिता एवं डिजिटल वेलनेस क्रिएटर

ऑर्गेनिक डायटेटिक्स, प्राकृतिक उपचार उत्पाद, ऑनलाइन वेलनेस कंसल्टेशन और वैश्विक स्तर पर प्राकृतिक चिकित्सक के रूप में प्रतिष्ठा।

✓ Arunachal Pradesh एवं राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त अवसर

Arunachal Pradesh में DNYS से जुड़े सामान्य प्रश्न

Arunachal Pradesh में DNYS कोर्स में प्रवेश की योग्यता क्या है? ↓

Arunachal Pradesh के किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (कला, वाणिज्य या विज्ञान) में न्यूनतम 45% अंक प्राप्त छात्र सीधे मेरिट आधार पर प्रवेश ले सकते हैं।

Arunachal Pradesh में क्या नौकरीपेशा युवा हाइब्रिड मोड में DNYS कर सकते हैं? ↓

जी हाँ, Arunachal Pradesh के विभिन्न जिलों के छात्रों के लिए ऑनलाइन/हाइब्रिड अध्ययन सामग्री और सप्ताहांत प्रैक्टिकल कार्यशालाओं की सुविधा उपलब्ध है।

Arunachal Pradesh में DNYS पूरा करने के बाद क्लिनिक खोलने के क्या नियम हैं? ↓

DNYS उत्तीर्ण छात्र Arunachal Pradesh में अपना स्वतंत्र प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग परामर्श केंद्र, वेलनेस सेंटर अथवा ध्यान केंद्र संचालित कर सकते हैं।

Arunachal Pradesh में अध्ययन केंद्र एवं परीक्षा केंद्र की क्या व्यवस्था है? ↓

MPYPCP के अधिकृत अध्ययन केंद्र Arunachal Pradesh के प्रमुख जिलों में स्थापित हैं, जहाँ छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण और परीक्षा सहायता मिलती है।

💬 WhatsApp 📞 कॉल करें