2007 से शिक्षण ISO प्रमाणित आयुष अनुरूप

DNYS प्रवेश 2026-27 नामांकन शुरू

बनें प्रमाणित प्राकृतिक चिकित्सक

डिप्लोमा इन नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस (DNYS)

अगर आप प्राकृतिक स्वास्थ्य (Natural Healthcare) में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं, तो महर्षि पतंजलि योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद (MPYPCP) के साथ जुड़ें। हमारा दशकों का अनुभव और ट्रेनिंग आपको वेलनेस के क्षेत्र में सफल शिक्षक या एक्सपर्ट बनने में मदद करेगा। 2007 में शुरू हुआ यह ISO 9001:2015 प्रमाणित संस्थान योग और वैकल्पिक चिकित्सा से समाज को स्वस्थ बना रहा है और युवाओं को नौकरी/काम के काबिल बना रहा है।

3.5 साल
110+ कोर्स
2007 स्थापना
निशुल्क मार्गदर्शन

डिप्लोमा इन नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस (DNYS) कोर्स की पूरी जानकारी पाएं

यह फ़ॉर्म भरें – हमारी प्रवेश टीम 24 घंटे में आपसे सम्पर्क करेगी।

* ज़रूरी

या कॉल करें: +91-7393925979

योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा
2007 से शिक्षण
ISO 9001:2015
अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन
QCI शैक्षिक सदस्य
CORP/EDU/6569
IYA एसोसिएट सदस्य
भारतीय योग संघ से सम्बद्ध
वर्ष 2007 से
18 वर्षों से अधिक का अनुभव
परिचय

भारत की भरोसेमंद योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षण परिषद

परंपरा और आधुनिकता का संगम

ISO 9001:2015 · QCI शैक्षिक सदस्य · इंडियन योग एसोसिएशन से जुड़े · वर्ष 2007 से योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षण

Yoga training session at MPYPCP campus
10,000+
से अधिक छात्र प्रशिक्षित
गुणवत्तापूर्ण शिक्षण ISO 9001:2015 आयुष से जुड़ी QCI सदस्य IYA एसोसिएट

"हम सिर्फ़ प्रमाण पत्र नहीं देते – हम ऐसे चिकित्सक गढ़ते हैं जो प्रकृति की भाषा समझते हों।"

महर्षि पतंजलि योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद (MPYPCP) की शुरुआत 2007 में हुई – ताकि योग और प्राकृतिक चिकित्सा की पढ़ाई सही तरीके से आगे बढ़े। उ.प्र. सरकार के अधिनियम के तहत पंजीकृत यह परिषद लखनऊ से पूरे भारत में योग और स्वास्थ्य की शिक्षा दे रही है। ISO 9001:2015 प्रमाणित संस्थान है।

हमारा लक्ष्य: एक ऐसा भारत जहाँ हर कोई बिना ज़्यादा दवाओं और अस्पताल के स्वस्थ रह सके। जहाँ शरीर और मन दोनों प्रकृति के नियमों से ठीक रहें।

हम क्या करते हैं: गाँव-शहर तक योग की पढ़ाई पहुँचाते हैं। युवाओं को प्रमाणित चिकित्सक और योग टीचर बनाकर खुद का काम शुरू करने लायक बनाते हैं। अष्टांग योग को उसके असली रूप में पढ़ाते हैं। स्वास्थ्य शिविर और कैंप से लोगों को जागरूक करते हैं।

पाठ्यक्रम पाँच तत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) पर आधारित है। इन्हीं की मदद से छात्र बिना दवा के इलाज सीखते हैं। DNYS और अन्य प्रमाण पत्र MPYPCP द्वारा जारी किए जाते हैं। कोर्स पूरा करने के बाद छात्र वेलनेस सेंटर, प्राकृतिक चिकित्सा क्लिनिक, योग केन्द्र या स्वास्थ्य शिक्षण जैसे क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं।

अनुभवी शिक्षक

प्राकृतिक चिकित्सा और योग में वर्षों का अनुभव रखने वाले शिक्षक।

प्रैक्टिकल पढ़ाई

जल चिकित्सा, मिट्टी चिकित्सा और योग – करके सीखें।

वाजिब फीस

किश्तों में भुगतान और योग्य छात्रों के लिए छूट की सुविधा।

हमारा विजन

हर युवा तक योग और प्राकृतिक चिकित्सा की शिक्षा पहुँचाना और बिना दवा के स्वस्थ समाज बनाना।

कोर्स विवरण

DNYS कोर्स: डिप्लोमा इन नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस

डॉक्टर बनना चाहते थे लेकिन NEET नहीं निकला? निराश मत हों। DNYS (डिप्लोमा इन नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस) वह कोर्स है जिससे आप बिना दवा के, सिर्फ प्रकृति से इलाज करना सीख सकते हैं। आज प्राकृतिक चिकित्सा की माँग तेज़ी से बढ़ रही है। यह कोर्स योग और नेचुरोपैथी को जोड़ता है – उनके लिए जो दवाओं के बिना, प्रकृति से इलाज सीखना चाहते हैं।

किफ़ायती फीस – MBBS/BAMS से कहीं कम ख़र्च आत्मनिर्भरता – पढ़ाई पूरी करते ही अपना क्लिनिक खोलें सम्मान – समाज में चिकित्सक की पहचान सेवा – दवा-रहित, दर्द-रहित जीवन देने का संकल्प

महर्षि पतंजलि योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद (MPYPCP) लखनऊ द्वारा संचालित डिप्लोमा इन नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस (DNYS) कोर्स आयुष मानकों के अनुसार चलता है। पूरा करने के बाद आप अपनी क्लिनिक खोल सकते हैं या वेलनेस तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर बना सकते हैं।

🌍
पृथ्वी
Earth
💧
जल
Water
🔥
अग्नि
Fire
🍃
वायु
Air
आकाश
Space

पात्रता

किसी भी मान्य बोर्ड से 12वीं पास – चाहे विज्ञान हो, कला या वाणिज्य। न्यूनतम 45% अंक चाहिए (आरक्षित वर्ग को नियमानुसार छूट)। उम्र की कोई सीमा नहीं – सीखने की कोई उम्र नहीं होती।

कोर्स अवधि

तीन वर्ष की गहन पढ़ाई और छह महीने की अनिवार्य इंटर्नशिप – कुल साढ़े तीन वर्ष। प्रैक्टिकल और इंटर्नशिप में उपस्थित होना ज़रूरी है ताकि आप सच में तैयार होकर निकलें।

कहाँ पढ़ें

पूरे भारत में महर्षि पतंजलि योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद (MPYPCP) के मान्य अध्ययन केन्द्रों पर डिप्लोमा इन नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस (DNYS) की नियमित कक्षाएँ, प्रैक्टिकल सत्र और शिविर आयोजित होते हैं।

पढ़ाई का माध्यम

हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों में पढ़ाई होती है। नौकरी करने वालों के लिए हाइब्रिड व दूरस्थ शिक्षा का विकल्प भी है – हालाँकि प्रैक्टिकल और इंटर्नशिप में आना अनिवार्य रहेगा।

पाठ्यक्रम

डिप्लोमा इन नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस (DNYS) सिलेबस एवं विषय सूची

महर्षि पतंजलि योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद (MPYPCP) द्वारा संचालित डिप्लोमा इन नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस (DNYS) का पाठ्यक्रम सात गहन खंडों में बँटा है। पहले वर्ष में शरीर की बनावट, क्रिया विज्ञान और प्राकृतिक चिकित्सा का दर्शन समझाया जाता है। दूसरे वर्ष में जल चिकित्सा, मिट्टी चिकित्सा, सूर्य किरण चिकित्सा और चेहरे से रोग पहचानने की कला सिखाई जाती है। तीसरे वर्ष में आहार विज्ञान, वैज्ञानिक मालिश, स्त्री रोग और योग चिकित्सा जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं। हर विषय में सिद्धांत के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है।

Student practicing yoga asana during DNYS practical training at MPYPCP

व्यावहारिक प्रशिक्षण

किताबी ज्ञान नहीं, करके सीखें

7

मॉड्यूल

3.5

साल

Hydrotherapy treatment being performed by naturopathy student

इलाज से पहले शरीर को समझना ज़रूरी है। इस खंड में हड्डियों, मांसपेशियों, जोड़ों और अंगों की बनावट के साथ-साथ पाचन, श्वसन, रक्त संचार और तंत्रिका तंत्र की कार्यप्रणाली पढ़ाई जाती है। जब तक आप नहीं जानेंगे कि स्वस्थ शरीर कैसे चलता है, तब तक रोग को समझना मुश्किल है।

विषय क्षेत्र:

  • अस्थि, पेशी एवं तंत्रिका तंत्र
  • पाचन, श्वसन एवं रक्त संचार तंत्र
  • अंतःस्रावी तंत्र और हार्मोन क्रियाविधि
  • कोशिका विज्ञान एवं ऊतक प्रकार

प्राकृतिक चिकित्सा के 10 आधारभूत सिद्धांत; महात्मा गांधी की प्राकृतिक चिकित्सा विचारधारा। "रोग एक है, कारण एक है और निवारण भी एक है।" यह विषय छात्र की मानसिकता को दवा-आधारित से बदलकर जीवनशैली-आधारित करता है।

विषय क्षेत्र:

  • प्राकृतिक चिकित्सा का इतिहास और विकास
  • प्रकृति चिकित्सा के मूल सिद्धांत (विश मेडिकैट्रिक्स नेचुरी)
  • पंचमहाभूत सिद्धांत
  • प्राण शक्ति एवं स्वउपचार की अवधारणा

जल के विभिन्न तापमानों का चिकित्सीय उपयोग – हिप बाथ, स्पाइनल बाथ, स्टीम बाथ, गीली चादर लपेट (Wet Sheet Pack)। जल शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है और विषहरण (Detoxification) में मदद करता है। मिट्टी की पट्टी, मड बाथ और विभिन्न प्रकार की मिट्टी (काली, लाल, मुल्तानी) के गुण – "मिट्टी शरीर के जहर को खींच लेती है।"

विषय क्षेत्र:

  • गर्म-ठंडे जल उपचार (स्नान, पैक, सेंक)
  • भाप स्नान, सॉना एवं कटि स्नान
  • विभिन्न रोगों में मिट्टी पट्टी का प्रयोग
  • एनिमा और आंत्र जल चिकित्सा

"जैसा खाए अन्न, वैसा होवे मन और तन।" आहार ही औषधि है। एलिमिनेटिव डाइट, सूदिंग डाइट, कंस्ट्रक्टिव डाइट; उपवास चिकित्सा (Fasting Therapy) का विज्ञान; कल्प चिकित्सा (दुग्ध कल्प, मठा कल्प) पढ़ाई जाती है।

विषय क्षेत्र:

  • प्राकृतिक आहार और भोजन संयोजन के सिद्धांत
  • उपवास के प्रकार और उनके लाभ
  • रोगानुसार आहार नियोजन
  • कच्चा भोजन चिकित्सा एवं रस चिकित्सा

सूर्य के सात रंगों का विज्ञान। रंगीन बोतलों (हरा, नीला, लाल) में चार्ज किए गए पानी और तेल का उपयोग। अलग-अलग रंग शरीर के अलग-अलग चक्रों और अंगों को प्रभावित करते हैं। चुंबक चिकित्सा के सिद्धांत और तकनीक।

विषय क्षेत्र:

  • सूर्य चिकित्सा (हीलियोथेरेपी) और उसके अनुप्रयोग
  • रंग चिकित्सा – विभिन्न रंगों की उपचार शक्ति
  • चुम्बक चिकित्सा के सिद्धांत और तकनीक
  • वायु चिकित्सा और श्वसन उपचार

चेहरे की लकीरों, रंग और बनावट से आंतरिक रोगों का निदान करना (मुख-आकृति विज्ञान)। यह MPYPCP पाठ्यक्रम की एक विशिष्टता है जो प्राचीन निदान पद्धति को पुनर्जीवित करती है। आइरिस, नाड़ी और जीभ-नाखून विश्लेषण भी शामिल।

विषय क्षेत्र:

  • मुखाकृति विज्ञान (फिजियोग्नॉमी)
  • पुतली निदान (इरिडोलॉजी)
  • नाड़ी परीक्षा
  • जीभ एवं नाखून विश्लेषण

विभिन्न रोगों (मधुमेह, अस्थमा, उच्च रक्तचाप आदि) के लिए विशिष्ट आसनों और प्राणायाम का उपयोग। प्राणायाम, ध्यान और षट्कर्म (योगिक शुद्धि) की चिकित्सीय भूमिका। महर्षि पतंजलि के अष्टांग योग के अनुरूप शिक्षण।

विषय क्षेत्र:

  • रोगानुसार योग प्रोटोकॉल
  • उपचारात्मक प्राणायाम (श्वास तकनीक)
  • ध्यान एवं विश्रांति विधियाँ
  • षट्कर्म (योगिक शुद्धि क्रियाएँ)
करियर की राहें

डिप्लोमा इन नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस (DNYS) के बाद कहाँ-कहाँ करियर बना सकते हैं

महर्षि पतंजलि योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद (MPYPCP) से डिप्लोमा इन नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस (DNYS) पूरा करने के बाद कई रास्ते खुलते हैं – अपनी क्लिनिक, अस्पताल, होटल-स्पा, स्कूल-कॉलेज या सरकारी स्वास्थ्य विभाग। आप प्रैक्टिशनर, योग टीचर, वेलनेस सलाहकार बन सकते हैं या अपना सेंटर खोल सकते हैं।

आयुष मिशन और फिट इंडिया की वजह से इस फील्ड में नौकरियाँ बढ़ रही हैं। वेलनेस का काम हर साल बढ़ रहा है। महर्षि पतंजलि योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद (MPYPCP) से डिप्लोमा इन नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस (DNYS) पास छात्र भारत और विदेश दोनों में योग टीचर और वेलनेस कोच बन रहे हैं।

अपनी नेचुरोपैथी क्लिनिक

पढ़ाई पूरी करते ही अपना सेंटर खोलें या किसी अस्पताल में प्रैक्टिशनर बनें – फ़ैसला आपका। अनुमानित आय: ₹30,000 – ₹80,000/माह

चिकित्सा अधिकारी

नेचुरोपैथी अस्पतालों, वेलनेस सेंटरों और आयुष संस्थानों में चिकित्सा अधिकारी या शोध सहायक। अनुमानित वेतन: ₹25,000 – ₹45,000/माह

वेलनेस सलाहकार

पाँच सितारा होटलों, स्पा और रिसॉर्ट में वेलनेस सलाहकार – ग्लैमर और स्वास्थ्य का मेल। अनुमानित आय: ₹40,000 – ₹1,00,000/माह

सरकारी सेवा

आयुष वेलनेस सेंटर (HWC), राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और आयुष मिशन में योग सहायक के पद। सरकारी वेतनमान के अनुसार।

शिक्षण और प्रशिक्षण

विद्यालयों, महाविद्यालयों या जिम में योग प्रशिक्षक बनें। अनुमानित वेतन: ₹20,000 – ₹50,000/माह। योग संस्थानों में अध्यापन का अवसर भी।

स्वास्थ्य लेखन और उद्यमिता

स्वास्थ्य स्तम्भकार, ब्लॉगर या डिजिटल कंटेंट के ज़रिये लाखों तक पहुँचें। या फिर ख़ुद का वेलनेस सेंटर खोलें – सम्भावनाएँ असीमित हैं।

आगे क्या सम्भावनाएँ हैं?

आयुष मिशन और फिट इंडिया अभियान के चलते स्वास्थ्य और वेलनेस क्षेत्र में अवसर बढ़ रहे हैं। MPYPCP के पूर्व छात्र वेलनेस सेंटर, क्लिनिक, शिक्षण और अन्य संस्थानों में कार्यरत हैं। वेतन संस्थान और पद के अनुसार भिन्न हो सकता है।

प्रवेश प्रक्रिया

डिप्लोमा इन नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस (DNYS) प्रवेश 2026-27 – ऑनलाइन आवेदन

महर्षि पतंजलि योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद (MPYPCP) परिवार से जुड़कर डिप्लोमा इन नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस (DNYS) में दाख़िला लेना बस चार कदम दूर है। घर बैठे ऑनलाइन आवेदन करें और प्राकृतिक चिकित्सा का सफ़र शुरू करें।

सीधे मिलकर बात करना चाहें तो तकरोही, इंदिरा नगर, लखनऊ स्थित मुख्यालय में आइए।

1

पंजीकरण

वेबसाइट पर ऑनलाइन प्रवेश फ़ॉर्म भरें – अपनी जानकारी और कोर्स का चुनाव दर्ज करें।

2

दस्तावेज़

10वीं-12वीं की अंकसूची, आधार कार्ड और फ़ोटो अपलोड करें। हमारी टीम पात्रता की जाँच करेगी।

3

शुल्क भुगतान

सुरक्षित ऑनलाइन माध्यम से शुल्क जमा करें। किश्तों में भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है।

4

नामांकन और शुरुआत

दस्तावेज़ सत्यापन के बाद आपको नामांकन पत्र मिलेगा – और फिर शुरू होगी आपकी नई राह!

छात्र अनुभव

हमारे छात्र क्या कहते हैं

महर्षि पतंजलि योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद (MPYPCP) से डिप्लोमा इन नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस (DNYS) कर चुके छात्रों के अनुभव – उन्हीं की ज़ुबानी।

(उदाहरणात्मक – असली छात्रों के अनुभवों पर आधारित।)

"DNYS के लिए इससे बेहतर संस्थान मुश्किल से मिलेगा। शिक्षकों का ज्ञान गहरा है और हर क़दम पर मार्गदर्शन मिलता है। बेझिझक यहाँ दाख़िला लें।"
AD
Amol Dhumal

DNYS उत्तीर्ण, 2023

"MPYPCP में पढ़ाई का अनुभव बहुत अच्छा रहा। शिक्षक और स्टाफ़ हर तरह से सहयोग करते हैं। प्राकृतिक चिकित्सा की बारीकियाँ यहाँ बहुत अच्छे से सिखाई जाती हैं।"
SS
Smita Shete

DNYS छात्र

"MPYPCP ने मेरी ज़िंदगी की दिशा बदल दी। जल चिकित्सा और मिट्टी चिकित्सा का व्यावहारिक प्रशिक्षण लाजवाब था। आज मैं ख़ुद का वेलनेस सेंटर चला रहा हूँ!"
RK
Rakesh Kumar

DNYS उत्तीर्ण, क्लिनिक संचालक

सामान्य प्रश्न

डिप्लोमा इन नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस (DNYS) कोर्स से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रवेश, पात्रता, शुल्क और करियर – आपके मन में जो भी सवाल हो, यहाँ जवाब मिलेगा।

योग और प्राकृतिक चिकित्सा – DNYS कोर्स से जुड़े सवालों के जवाब

कोई सवाल? हमारी प्रवेश टीम आपकी मदद के लिए है।

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