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✓ 2007 से संचालित ✓ ISO 9001:2015 प्रमाणित ✓ आयुष प्राकृतिक चिकित्सा परिषद ✓ IYA एसोसिएट सदस्य ✓ 10,000+ प्रशिक्षित प्राकृतिक चिकित्सक
संपूर्ण मार्गदर्शन एवं आधिकारिक स्पष्टीकरण

DNYS कोर्स अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ 2026-27)

डिप्लोमा इन नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस (DNYS) कोर्स की मान्यता, प्रवेश पात्रता, 15 प्रश्नपत्र सिलेबस, 24 पुस्तकें, क्लिनिक स्थापना अधिकार और ऑनलाइन सत्यापन से जुड़े सभी 28 महत्वपूर्ण प्रश्नों के आधिकारिक व प्रामाणिक उत्तर।

विषयवार त्वरित नेविगेशन:
Category 1

1. कोर्स परिचय, मान्यता एवं परिषद इतिहास

Q

DNYS कोर्स क्या है और इसका पूरा नाम (Full Form) क्या है?

सीधा उत्तर: DNYS का पूरा नाम Diploma in Naturopathy and Yogic Sciences (प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान डिप्लोमा) है। यह औषधि-मुक्त एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति पर आधारित 3.5-वर्षीय प्रतिष्ठित डिप्लोमा कार्यक्रम है।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):
  • कुल अवधि: 3 वर्ष अकादमिक अध्ययन (15 प्रश्नपत्र • 1,500 अंक) + 6 माह अनिवार्य नैदानिक इंटर्नशिप।
  • मूल सिद्धांत: पंचमहाभूत चिकित्सा (जल, मिट्टी, वाष्प, सूर्य किरण, उपवास) एवं अष्टांग योग।
  • उद्देश्य: विजातीय द्रव्यों (Toxins) को शरीर से प्राकृतिक रूप से बाहर निकालकर रोगों का जड़ से निवारण करना।

महर्षि पतंजलि योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद (MPYPCP), लखनऊ द्वारा संचालित DNYS कोर्स छात्रों को मानव शरीर रचना (Anatomy), शरीर क्रिया विज्ञान (Physiology), विकृति विज्ञान (Pathology) तथा प्राकृतिक चिकित्सा के व्यावहारिक उपचारों में निपुण बनाता है।

Q

महर्षि पतंजलि योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद (MPYPCP) की स्थापना, इतिहास और साख क्या है?

सीधा उत्तर: महर्षि पतंजलि योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद (MPYPCP) की स्थापना वर्ष 2007 में लखनऊ, उत्तर प्रदेश में हुई थी। यह भारत में वैकल्पिक चिकित्सा और योग शिक्षा के क्षेत्र में 18+ वर्षों से कार्यरत अग्रणी स्वायत्त परिषद है।

प्रमाणीकरण व सदस्यता:

ISO 9001:2015 अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानक प्रमाणित एवं भारतीय योग संघ (IYA) की एसोसिएट सदस्य संस्था।

अखिल भारतीय विस्तार:

भारत के सभी 36 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों और 780+ जिलों में संबद्ध अध्ययन केंद्रों का सशक्त नेटवर्क।

परिषद का केंद्रीय कार्यालय 41, विनायक सिटी, तकरोही, इंदिरा नगर, लखनऊ में स्थित है। आधिकारिक पोर्टल www.mpypcp.com पर छात्रों के नामांकन, परीक्षा परिणाम और प्रमाणपत्रों का 24x7 ऑनलाइन सत्यापन उपलब्ध है।

Q

क्या DNYS एक वैधानिक और कानूनी रूप से वैध डिप्लोमा है?

सीधा उत्तर: हाँ, DNYS एक पूर्णतः वैधानिक वोकेशनल डिप्लोमा है जो प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में स्वतंत्र स्वरोजगार और वेलनेस परामर्श का वैधानिक अधिकार प्रदान करता है।

संवैधानिक व कानूनी आधार:
  • भारतीय संविधान अनुच्छेद 19(1)(g): प्रत्येक नागरिक को विधि सम्मत व्यवसाय और आजीविका का मौलिक अधिकार है।
  • औषधि-रहित चिकित्सा का संरक्षण: प्राकृतिक चिकित्सा में किसी भी एलोपैथिक ड्रग, सर्जरी या इनवेसिव प्रक्रिया का प्रयोग नहीं होता, अतः यह ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के प्रतिबंधों से बाहर स्वतंत्र वेलनेस पद्धति है।
  • स्वायत्त परिषद डिप्लोमा: MPYPCP लखनऊ (स्थापना 2007) द्वारा जारी प्रमाणपत्र पूरे देश में निजी वेलनेस सेंटर, योग संस्थान और नेचुरोपैथी क्लिनिक संचालन हेतु मान्य है।
Category 2

2. प्रवेश पात्रता, आयु सीमा एवं नामांकन प्रक्रिया

Q

DNYS में प्रवेश के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता (Eligibility) क्या है?

सीधा उत्तर: किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा (10+2) न्यूनतम 45% अंकों के साथ उत्तीर्ण छात्र DNYS में प्रवेश के लिए पूर्णतः पात्र हैं।

न्यूनतम योग्यता:12वीं कक्षा (10+2) उत्तीर्ण
स्वीकार्य बोर्ड:CBSE, CISCE, State Boards, NIOS एवं समकक्ष
न्यूनतम अंक:सामान्य वर्ग: 45% | आरक्षित वर्ग: 40%
प्रवेश का आधार:सीधा प्रवेश (12वीं मेरिट व आवेदन आधार पर)
Q

क्या 12वीं आर्ट्स (Arts) या कॉमर्स (Commerce) वाले छात्र DNYS कर सकते हैं?

सीधा उत्तर: जी हाँ, कला (Arts) और वाणिज्य (Commerce) दोनों वर्गों के विद्यार्थी DNYS में सीधे प्रवेश ले सकते हैं।

प्राकृतिक चिकित्सा एक समग्र जीवनशैली विज्ञान है। परिषद द्वारा प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम (Paper I: शरीर रचना एवं क्रिया विज्ञान) में मूलभूत शारीरिक संरचना इस प्रकार सरल हिंदी व सचित्र रूप में पढ़ाई जाती है कि गैर-विज्ञान पृष्ठभूमि के छात्र भी इसे आसानी से समझकर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं।

Q

क्या DNYS में प्रवेश के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा (Age Limit) है?

सीधा उत्तर: DNYS कोर्स के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है। प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 17 वर्ष पूर्ण होनी चाहिए।

सीखने और स्वास्थ्य सेवा की कोई उम्र नहीं होती। बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी, सेना के पूर्व सैनिक, शिक्षक और गृहणियां अपनी सेवानिवृत्ति के बाद या स्वरोजगार के लिए DNYS में प्रवेश लेकर सफल प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र संचालित कर रहे हैं।

Q

DNYS 2026-27 में प्रवेश की ऑनलाइन प्रक्रिया क्या है और कौन से दस्तावेज़ चाहिए?

सीधा उत्तर: DNYS में प्रवेश पूरी तरह डिजिटल एवं पारदर्शी है। छात्र घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवश्यक दस्तावेज़ों की सूची:
  • हाईस्कूल (10वीं) अंकपत्र एवं प्रमाणपत्र की स्वप्रमाणित प्रति।
  • इंटरमीडिएट (12वीं) अंकपत्र एवं प्रमाणपत्र की स्वप्रमाणित प्रति।
  • पहचान पत्र (आधार कार्ड, वोटर आईडी अथवा पासपोर्ट)।
  • 4 पासपोर्ट साइज नवीनतम रंगीन फोटोग्राफ।

आवेदन स्वीकार होने के उपरांत छात्र को आधिकारिक एनरोलमेंट नंबर जारी होता है, जिसका सत्यापन mpypcp.com पर किया जा सकता है।

Category 3

3. पाठ्यक्रम संरचना, 15 प्रश्नपत्र एवं संदर्भ पुस्तकें

Q

DNYS 3.5 वर्ष पाठ्यक्रम की संरचना और अंक विभाजन (Marks Distribution) क्या है?

सीधा उत्तर: पाठ्यक्रम 3 शैक्षणिक वर्षों और 6 माह की इंटर्नशिप में विभाजित है, जिसमें कुल 15 प्रश्नपत्र और 1,500 अंक निर्धारित हैं।

सत्रप्रश्नपत्र संख्याकुल अंक
प्रथम वर्ष (Year 1)Paper I से Paper V (5 पेपर्स)500 अंक
द्वितीय वर्ष (Year 2)Paper VI से Paper X (5 पेपर्स)500 अंक
तृतीय वर्ष (Year 3)Paper XI से Paper XV (5 पेपर्स)500 अंक
इंटर्नशिप (Internship)6 माह अनिवार्य क्लिनिकल ट्रेनिंगप्रैक्टिकल मूल्यांकन
Q

DNYS के 15 प्रश्नपत्रों के मुख्य विषय और पाठ्यक्रम क्या हैं?

सीधा उत्तर: 15 प्रश्नपत्रों में मानव शरीर विज्ञान और प्राकृतिक चिकित्सा की सभी मुख्य शाखाएं क्रमबद्ध रूप से सम्मिलित हैं।

प्रथम वर्ष (Foundation): Paper I (शरीर रचना व क्रिया), Paper II (प्राकृतिक चिकित्सा दर्शन), Paper III (योग दर्शन व प्राणायाम), Paper IV (स्वास्थ्य रक्षा व स्वच्छता), Paper V (प्राथमिक चिकित्सा व सामान्य रोग विज्ञान)।
द्वितीय वर्ष (Modalities): Paper VI (जल चिकित्सा), Paper VII (मिट्टी व वायु चिकित्सा), Paper VIII (आहार व पोषण विज्ञान), Paper IX (सूर्य किरण व रंग चिकित्सा), Paper X (एक्यूप्रेशर व रिफ्लेक्सोलॉजी)।
तृतीय वर्ष (Clinical Practice): Paper XI (उपवास चिकित्सा विज्ञान), Paper XII (वैज्ञानिक मालिश व व्यायाम), Paper XIII (रोग निदान व पैथोलॉजी), Paper XIV (स्त्री व बाल रोग प्राकृतिक चिकित्सा), Paper XV (अस्पताल प्रबंधन व क्लिनिकल केस स्टडी)।
Q

DNYS पाठ्यक्रम की 24 प्रामाणिक संदर्भ पुस्तकें (Reference Books) कौन-सी हैं?

सीधा उत्तर: MPYPCP ने 15 प्रश्नपत्रों के लिए 24 प्रामाणिक संदर्भ पुस्तकें संस्तुत की हैं जो प्राकृतिक चिकित्सा साहित्य की कालजयी कृतियां हैं।

प्रमुख संदर्भ पुस्तकें:
  • The New Science of Healing — Louis Kuhne (प्राकृतिक चिकित्सा का मूल आधार)
  • A Complete Handbook of Nature Cure (Part I & II) — Dr. H.K. Bakhru
  • रोगों की सरल चिकित्सा — डॉ. विट्ठलदास मोदी
  • बुनियादी प्राकृतिक चिकित्सा — डॉ. सुखवीर सिंह
  • उपवास (Therapeutic Fasting) — डॉ. जयनारायण जायसवाल
  • वैज्ञानिक मालिश (Scientific Massage) — डॉ. सत्यपाल
  • स्त्री रोगों की गृह चिकित्सा — डॉ. कुलरंजन मुखर्जी
  • Anatomy & Physiology for Nurses — Evelyn C. Pearce

सभी 24 पुस्तकों की संपूर्ण सूची reference-books.html पृष्ठ पर उपलब्ध है।

Q

आधिकारिक 54-पेज का पाठ्यक्रम PDF (dnys-distribution.pdf) कैसे प्राप्त करें?

सीधा उत्तर: आप परिषद के आधिकारिक सर्वर से 54-पेज का सिलेबस PDF निःशुल्क डाउनलोड कर सकते हैं।

यह PDF छात्रों और अध्ययन केंद्रों दोनों के लिए परीक्षा तैयारी, थ्योरी लेक्चर्स और क्लिनिकल प्रैक्टिकल्स का आधिकारिक मानक है। वेबसाइट के syllabus.html पेज पर भी प्रत्येक यूनिट का हिंदी विवरण ऑनलाइन उपलब्ध है।

Category 5

5. हाइब्रिड लर्निंग, ऑनलाइन मोड एवं प्रैक्टिकल वर्कशॉप

Q

क्या नौकरी या व्यवसाय के साथ हाइब्रिड/डिस्टेंस मोड में DNYS किया जा सकता है?

सीधा उत्तर: हाँ, नौकरीपेशा लोग अपनी वर्तमान नौकरी या व्यवसाय छोड़े बिना हाइब्रिड मोड में आसानी से DNYS कर सकते हैं।

हाइब्रिड मॉडल की कार्यप्रणाली:
  • सैद्धांतिक अध्ययन (Theory): डिजिटल सिलेबस, ई-बुक्स एवं स्व-अध्ययन पैकेज द्वारा घर बैठे।
  • प्रैक्टिकल वर्कशॉप: नजदीकी संबद्ध अध्ययन केंद्र पर सप्ताहांत (शनिवार-रविवार) अथवा अवकाश के दिनों में आयोजित।
  • वार्षिक परीक्षा: वर्ष में एक बार निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर लिखित व प्रायोगिक रूप से।
Q

ऑनलाइन कक्षाओं और स्व-अध्ययन सामग्री (Study Material) की क्या व्यवस्था है?

सीधा उत्तर: प्रवेश की पुष्टि होते ही छात्र को सम्पूर्ण स्टडी किट, नामांकन पत्र और अध्ययन सामग्री प्रदान की जाती है।

सामग्री में प्रत्येक प्रश्नपत्र के मुख्य टॉपिक्स को सरल और सचित्र भाषा में समझाया गया है ताकि छात्र स्वयं पढ़कर भी विषयों पर पूर्ण अधिकार प्राप्त कर सकें। किसी भी संशय के समाधान हेतु फैकल्टी द्वारा ऑनलाइन परामर्श सत्र आयोजित होते हैं।

Q

प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और कार्यशालाएं (Workshops) कहाँ और कैसे आयोजित होती हैं?

सीधा उत्तर: प्रैक्टिकल ट्रेनिंग आपके गृह जिले या निकटतम अधिकृत अध्ययन केंद्र पर आयोजित की जाती है।

प्रैक्टिकल में सिखाए जाने वाले प्रमुख अंग:
  • कटि स्नान, मेरुदंड स्नान व वाष्प स्नान के यंत्रों का सही संचालन।
  • मिट्टी का चयन, शोधन एवं विभिन्न रोगों में पट्टी लगाने की विधि।
  • प्राणायाम, षट्कर्म (नेति, धौति, नौलि, कपालभाति, बस्ती, त्राटक) का शुद्ध अभ्यास।
  • रोगी का पल्स, रक्तचाप, जीभ एवं नेत्र परीक्षण द्वारा विजातीय द्रव्यों की पहचान।
Category 6

6. नैदानिक इंटर्नशिप (Clinical Internship)

Q

DNYS में 6 माह की अनिवार्य नैदानिक इंटर्नशिप (Clinical Internship) कैसे पूरी होती है?

सीधा उत्तर: 3 वर्ष की सैद्धांतिक परीक्षा के बाद 6 माह की अस्पताल आधारित क्लिनिकल इंटर्नशिप अनिवार्य होती है।

इस अवधि में छात्र वास्तविक रोगियों के संपर्क में रहकर उनकी केस हिस्ट्री तैयार करते हैं, डॉक्टर के मार्गदर्शन में उपचार योजना बनाते हैं और थेरेपी के परिणामों का दस्तावेजीकरण करते हैं। यह अनुभव छात्र को एक स्वतंत्र और आत्मविश्वासी प्राकृतिक चिकित्सक बनाता है।

Q

इंटर्नशिप के दौरान किन-किन नेचुरोपैथी विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलता है?

सीधा उत्तर: इंटर्नशिप के दौरान ओपीडी व आईपीडी मरीजों पर सभी 5 महाभूत विधाओं का हैंड्स-ऑन अनुभव प्राप्त होता है।

  • रोगियों के दैनिक आहार, पानी की मात्रा और उपवास का निर्धारण।
  • गठिया, साइटिका, सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस में स्थानीय भाप व मड पैक अनुप्रयोग।
  • कब्ज, कोलाइटिस व अपच में एनीमा व एब्डॉमिनल कंप्रेस।
  • रोगियों की प्रगति रिपोर्ट और डिस्चार्ज समरी तैयार करना।
Category 7

7. सत्यापन, परीक्षा, मार्कशीट एवं पोर्टल वैधता

Q

MPYPCP प्रमाण पत्र और नामांकन (Enrollment) का ऑनलाइन सत्यापन (Verification) कैसे करें?

सीधा उत्तर: परिषद की आधिकारिक वेबसाइट www.mpypcp.com पर 24x7 ऑनलाइन सत्यापन की पारदर्शी सुविधा उपलब्ध है।

सत्यापन के 3 सरल चरण:
  1. वेबसाइट www.mpypcp.com खोलें और 'Online Verification' पर क्लिक करें।
  2. अपना एनरोलमेंट नंबर दर्ज करें (उदा. MPYPCP/DNYS/...)।
  3. स्क्रीन पर छात्र का नाम, पिता का नाम, फोटो, कोर्स, सत्र और परीक्षा परिणाम प्रदर्शित होगा।

हमारी वेबसाइट के verification.html पेज पर भी सत्यापन की सीधी गाइड उपलब्ध है।

Q

वार्षिक परीक्षाएं कब और किन परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाती हैं?

सीधा उत्तर: परीक्षाएं वर्ष में दो बार (मुख्य एवं पूरक सत्र) अधिकृत क्षेत्रीय परीक्षा केंद्रों पर संपन्न होती हैं।

परीक्षा में लिखित प्रश्नपत्रों के साथ-साथ बाह्य परीक्षकों (External Examiners) द्वारा वायवा और प्रैक्टिकल प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाता है। प्रवेश पत्र (Admit Card) परीक्षा से 15 दिन पूर्व ऑनलाइन पोर्टल पर जारी किए जाते हैं।

Q

परीक्षा का माध्यम (Language Medium) क्या होता है — क्या हिंदी और अंग्रेजी दोनों विकल्प हैं?

सीधा उत्तर: परीक्षा का माध्यम द्विभाषी (Hindi & English) होता है। छात्र किसी भी भाषा का चयन करने के लिए स्वतंत्र हैं।

पाठ्यक्रम की पुस्तकें भी हिंदी और अंग्रेजी दोनों में उपलब्ध हैं। उत्तर पुस्तिका में विषय की समझ और वैज्ञानिक व्याख्या का मूल्यांकन किया जाता है, भाषा की जटिलता का नहीं।

Category 8

8. फीस, आसान किश्तें एवं अध्ययन केंद्र सम्बद्धता

Q

DNYS कोर्स की फीस संरचना क्या है और क्या इसे आसान किश्तों में जमा किया जा सकता है?

सीधा उत्तर: DNYS कोर्स की फीस अत्यंत सुलभ है और इसे आसान किश्तों में जमा करने का विकल्प उपलब्ध है।

  • प्रथम किश्त: प्रवेश एवं पंजीकरण के समय।
  • द्वितीय किश्त: अध्ययन सामग्री एवं प्रथम वर्ष प्रैक्टिकल सत्र के समय।
  • वार्षिक किश्त: द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के आरंभ में।

फीस का भुगतान केवल परिषद के आधिकारिक बैंक खाते या अधिकृत पोर्टल के माध्यम से ही किया जाता है और प्रत्येक भुगतान की पक्की रसीद जारी की जाती है।

Q

क्या अपना अध्ययन केंद्र (Study Center) स्थापित करने के लिए परिषद से सम्बद्धता (Affiliation) ली जा सकती है?

सीधा उत्तर: योग्य संस्थान अपने क्षेत्र में परिषद का मान्यता प्राप्त अध्ययन केंद्र स्थापित कर सकते हैं।

सम्बद्धता प्राप्त केंद्रों को परिषद द्वारा मान्यता प्रमाणपत्र, पाठ्यक्रम संचालन अधिकार, परीक्षा केंद्र की सुविधा और ऑनलाइन पोर्टल लॉगिन प्रदान किया जाता है। विस्तृत जानकारी वेबसाइट के affiliation-center.html पेज पर उपलब्ध है।

Category 9

9. DNYS बनाम BNYS तुलना एवं करियर के अवसर

Q

DNYS (डिप्लोमा) और BNYS (डिग्री) में क्या मुख्य अंतर है और कौन सा कोर्स अधिक व्यावहारिक है?

सीधा उत्तर: कम समय और न्यूनतम खर्च में स्वतंत्र क्लिनिक व स्वरोजगार शुरू करने के लिए DNYS अत्यंत व्यावहारिक और लोकप्रिय विकल्प है।

तुलनाDNYS (डिप्लोमा)BNYS (डिग्री)
अवधि3.5 वर्ष5.5 वर्ष
पात्रता12वीं (कला/वाणिज्य/विज्ञान)12वीं केवल PCB
प्रवेश आधारसीधा प्रवेश (मेरिट)प्रतियोगी परीक्षा
मुख्य लक्ष्यत्वरित स्वतंत्र स्वरोजगारमेडिकल कॉलेज / शोध
Q

DNYS पूरा करने के बाद करियर और स्वरोजगार के प्रमुख अवसर कौन से हैं?

सीधा उत्तर: प्राकृतिक चिकित्सा आज का सबसे तेजी से बढ़ता स्वास्थ्य क्षेत्र है जहाँ नौकरी के साथ-साथ स्वतंत्र स्वरोजगार के असीम अवसर हैं।

स्वतंत्र क्लिनिक संचालन:

अपने गृह नगर या गांव में निजी प्राकृतिक चिकित्सालय खोलकर समाज को रोगमुक्त बनाएं।

संस्थागत अवसर:

नेचुरोपैथी अस्पताल, आयुष सेंटर्स, वेलनेस रिसॉर्ट्स और योग केंद्रों में परामर्शदाता के रूप में।

शैक्षणिक व अध्यापन:

NEP 2020 के तहत शिक्षण संस्थानों, फिटनेस क्लबों और खेल अकादमियों में स्वास्थ्य प्रशिक्षक।

डिजिटल वेलनेस:

ऑनलाइन स्वास्थ्य परामर्श, डाइट चार्ट निर्माण और यूट्यूब/सोशल मीडिया के जरिए वैश्विक स्तर पर सेवा।

Q

क्या 5-स्टार वेलनेस रिसॉर्ट्स और कॉर्पोरेट सेक्टर में DNYS वेलनेस कंसल्टेंट की मांग है?

सीधा उत्तर: कॉर्पोरेट वेलनेस और लक्जरी हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में नेचुरोपैथी विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है।

आधुनिक कॉर्पोरेट जगत में कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और जीवनशैली सुधार हेतु प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञों को स्थायी रूप से अनुबंधित किया जा रहा है।

क्या आपका कोई अन्य प्रश्न शेष है?

महर्षि पतंजलि योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद (MPYPCP), लखनऊ के प्रवेश परामर्शदाताओं से सीधे WhatsApp या कॉल पर बात करें।

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