महर्षि पतंजलि योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद
वर्ष 2007 से
कोर्स ब्रोशर
MPYPCP द्वारा संचालित
DNYS
डिप्लोमा इन नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस
जहाँ दवा नहीं, प्रकृति बोलती है। योग और नेचुरोपैथी सीखें, वेलनेस में सार्थक करियर बनाएँ।
महर्षि पतंजलि
MPYPCP – संस्था का परिचय
MPYPCP – संस्था का परिचय
महर्षि पतंजलि योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद (MPYPCP) लखनऊ स्थित एक ISO प्रमाणित स्वायत्त संस्था है। इसकी स्थापना 2007 में योग और प्राकृतिक चिकित्सा के प्रचार-प्रसार के लिए की गई थी। यह परिषद देश भर के 700 से अधिक केंद्रों के माध्यम से Yoga, Naturopathy, Panchkarma, Cupping Therapy और Diet & Nutrition जैसे 110 से अधिक डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट कोर्स संचालित करती है। आयुष मंत्रालय (CCRYN) और नीति आयोग के अनुसार यह संस्था वैकल्पिक चिकित्सा में रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान कर समाज को स्वस्थ बनाने के लिए समर्पित है।
DNYS – कोर्स का परिचय
डिप्लोमा इन नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस (DNYS) – MPYPCP का प्रमुख साढ़े तीन वर्षीय डिप्लोमा। प्रकृति के पंचमहाभूत (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) की चिकित्सीय शक्ति से बिना दवा का इलाज सिखाया जाता है। जल चिकित्सा, मिट्टी चिकित्सा, योग, आहार विज्ञान, मालिश और एक्यूप्रेशर – सब कुछ एक ही कोर्स में। 12वीं पास छात्र आवेदन कर सकते हैं। पढ़ाई पूरी करके आयुष क्षेत्र, वेलनेस उद्योग या अपनी क्लिनिक – कहीं भी करियर बनाएँ।
अवलोकन – DNYS क्यों चुनें?
सोचिए – एक ऐसा इलाज जिसमें न गोलियाँ हों, न इंजेक्शन। सिर्फ़ धूप, मिट्टी, हवा, पानी और योग। DNYS यही सिखाता है। पाठ्यक्रम पंचमहाभूत – पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश – पर आधारित है, जो प्राकृतिक चिकित्सा की नींव हैं। जल चिकित्सा, मिट्टी चिकित्सा, रंग चिकित्सा, उपवास, पोषण विज्ञान, योग (आसन, प्राणायाम, मुद्रा, बंध, क्रिया), मालिश, एक्यूप्रेशर और रोग प्रबंधन – सब कुछ दवा के बिना।
इस कोर्स में क्या-क्या मिलेगा
- पंचमहाभूत पर आधारित बिना दवा की चिकित्सा का सम्पूर्ण ज्ञान
- योग, जल चिकित्सा, मिट्टी चिकित्सा और आहार विज्ञान में मज़बूत नींव
- सिद्धांत + व्यावहारिक प्रशिक्षण + छह माह की इंटर्नशिप
- वेलनेस सेंटर, स्पा, अस्पताल, कॉर्पोरेट वेलनेस या स्वतंत्र प्रैक्टिस में करियर
- नेचुरोपैथी एवं योग चिकित्सक के रूप में पंजीकरण की पात्रता
- ख़ुद का और परिवार का स्वास्थ्य सँवारने की क्षमता
यह कोर्स किसके लिए है
- 12वीं पास छात्र जो दवाओं के बिना इलाज सीखने में रुचि रखते हों
- प्राकृतिक चिकित्सा, योग या वेलनेस में करियर बनाने के इच्छुक
- योग साधक जो औपचारिक डिप्लोमा और चिकित्सक स्तर का प्रमाणन चाहते हों
- जो शरीर रचना, रोग विज्ञान, पोषण और चिकित्सा का समग्र ज्ञान पाना चाहें
पंचमहाभूत (पाँच तत्व)
सृष्टि का हर कण इन पाँच तत्वों से बना है। प्राकृतिक चिकित्सा इन्हीं की शक्ति से शरीर को स्वस्थ करती है। DNYS में इनका चिकित्सीय उपयोग विस्तार से पढ़ाया जाता है।
कोर्स पूरा करने पर आप ये सब कर पाएँगे
DNYS के बाद आपके पास ये दक्षताएँ होंगी:
पाठ्यक्रम संरचना (सिलेबस)
DNYS का पाठ्यक्रम तीन वर्ष की गहन पढ़ाई और छह माह की इंटर्नशिप में विभाजित है। विषयों का विवरण संस्थान के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है; नीचे अधिकतर परिषदों द्वारा अपनाया जाने वाला मानक सिलेबस दिया गया है।
| वर्ष / चरण | विषय / पेपर |
|---|---|
| प्रथम वर्ष | पेपर 1: प्राकृतिक स्वच्छता एवं जन स्वास्थ्य (रोग निवारण के उद्देश्य, सामुदायिक स्वच्छता, व्यक्तिगत स्वच्छता, दिनचर्या, स्वास्थ्य के लिए हानिकारक आदतें); प्राथमिक चिकित्सा (दुर्घटना, रक्तस्राव, पट्टी, स्प्लिंट, फ्रैक्चर, जलन); पैथोलॉजी का सामान्य अध्ययन (सूजन, पाचन/हृदय/श्वसन/अंतःस्रावी विकार)। पेपर 2: मानव शरीर क्रिया विज्ञान (हड्डियाँ, मांसपेशियाँ, रक्त, पाचन/उत्सर्जन/श्वसन/तंत्रिका/संचार तंत्र, इंद्रियाँ, अंतःस्रावी ग्रंथियाँ); मानव शरीर रचना विज्ञान (कोशिकाएँ, ऊतक, हड्डियाँ, मांसपेशियाँ, जोड़, पाचन/प्रजनन/श्वसन/तंत्रिका/इंद्रिय अंग, अंतःस्रावी तंत्र)। |
| द्वितीय वर्ष | पेपर 1: प्राकृतिक चिकित्सा का दर्शन (सिद्धांत, गांधीवादी दर्शन, पंचतंत्र, उपवास, आहार, व्यायाम, हीलिंग क्राइसिस, विषाक्त पदार्थ); मुखाकृति विज्ञान (विदेशी पदार्थ सिद्धांत, बाधाएँ, उन्मूलन)। पेपर 2: जल चिकित्सा (जल के गुण, शारीरिक प्रभाव, तकनीक — एफ्यूजन, डूश, पैक, स्नान, भाप); मिट्टी चिकित्सा (प्रकार, संग्रह, गुण, पोल्टिस, अनुप्रयोग, प्रभाव); रंग चिकित्सा (प्राथमिक/द्वितीयक रंग, रंग दर्शन, बैंगनी/नीला/हरा/पीला/नारंगी/लाल का उपयोग, जल/तेल/भोजन का चार्जिंग)। |
| तृतीय वर्ष (अंतिम) | पेपर 1: योग (परिभाषा, प्रकार — राज/भक्ति/हठ/ज्ञान/लय/कर्म/तंत्र, अष्टांग योग, आसनों का तंत्रों पर प्रभाव, प्राणायाम/मुद्रा/बंध/क्रिया, सूर्य नमस्कार, ध्यान); उपवास (प्रकार, शारीरिक प्रभाव, तकनीक, क्राइसिस); पोषण एवं आहार विज्ञान (भोजन का वर्गीकरण, कमी रोग, अम्लीय/क्षारीय भोजन, पाचन, संतुलित आहार); मैनिपुलेटिव उपचार (मालिश सिद्धांत, शारीरिक प्रभाव, मैनिपुलेशन, एक्यूप्रेशर पॉइंट)। पेपर 2: रोग प्रबंधन, क्लिनिक एवं अस्पताल; प्रसूति एवं स्त्री रोग (जननांग अंगों की रचना/क्रिया, मासिक विकार, गर्भावस्था, प्रसव, प्रसव पूर्व/बाद देखभाल)। |
| 6 माह | इंटर्नशिप / प्रैक्टिकल ट्रेनिंग: क्लिनिकल पोस्टिंग, जल चिकित्सा, मिट्टी चिकित्सा, मालिश, योग, आहार परामर्श में हाथों-काम अभ्यास; संस्थान के अनुसार वाइवा और प्रैक्टिकल परीक्षा। |
व्यावहारिक प्रशिक्षण और मौखिक परीक्षा संस्थान के कार्यक्रम अनुसार होती है। कुल अवधि सामान्यतः साढ़े तीन वर्ष (तीन वर्ष पढ़ाई + छह माह इंटर्नशिप) है।
पात्रता एवं प्रवेश प्रक्रिया
पात्रता: किसी भी मान्य बोर्ड से 12वीं पास (किसी भी विषय में)। न्यूनतम 45–50% अंक (संस्थान के अनुसार)। उम्र कम से कम 17 वर्ष हो। कुछ संस्थान विज्ञान वर्ग को प्राथमिकता दे सकते हैं।
प्रवेश कैसे लें
- ऑनलाइन फ़ॉर्म भरें या सीधे संस्थान में आकर मिलें
- 10वीं-12वीं की अंकसूची और पहचान पत्र जमा करें
- अन्तिम तिथि से पहले आवेदन पूरा करें (सत्र प्रायः जून व दिसम्बर; तारीखें संस्थान पर निर्भर)
- संस्थान आपके दस्तावेज़ों की जाँच करेगा
- शुल्क भुगतान करें (वार्षिक या एकमुश्त; विलम्ब शुल्क लागू हो सकता है)
- प्रवेश की पुष्टि और परिचय सत्र
आवश्यक दस्तावेज़
- 10वीं और 12वीं की अंकसूची (या समकक्ष)
- पासपोर्ट आकार के फ़ोटो
- पहचान पत्र (आधार / पासपोर्ट)
- स्थानांतरण प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)
- चिकित्सा स्वास्थ्य प्रमाणपत्र
कोर्स शुल्क संस्थान के अनुसार भिन्न होता है – सामान्यतः पूरे कोर्स के लिए ₹25,000 से ₹2,00,000 के बीच। कई संस्थान वार्षिक भुगतान का विकल्प देते हैं। विलम्ब शुल्क लागू हो सकता है। ताज़ा शुल्क और किश्त विकल्प के लिए संस्थान से सम्पर्क करें।
पढ़ाई का तरीक़ा और सहायता
DNYS प्रायः मान्य अध्ययन केन्द्रों पर नियमित कक्षा के रूप में चलता है। कुछ संस्थान दूरस्थ या हाइब्रिड विकल्प भी देते हैं – विस्तार से जानने के लिए संस्थान से बात करें।
संस्थान या सम्बद्ध अध्ययन केन्द्रों पर सिद्धांत और प्रायोगिक कक्षाएँ। सत्र जून व दिसम्बर में शुरू हो सकते हैं; प्रवेश की अन्तिम तिथियाँ संस्थान के अनुसार भिन्न।
सिलेबस के अनुसार मुद्रित नोट्स और सन्दर्भ पुस्तकें। विषय – शरीर रचना, क्रिया विज्ञान, रोग विज्ञान, जल चिकित्सा, मिट्टी चिकित्सा, रंग चिकित्सा, योग, उपवास, पोषण और मैनिपुलेटिव उपचार।
जल चिकित्सा, मिट्टी चिकित्सा, मालिश, योग और आहार परामर्श में करके सीखने का अवसर। तीन वर्ष की पढ़ाई के बाद छह माह की अनिवार्य इंटर्नशिप; मौखिक और प्रायोगिक परीक्षा संस्थान के अनुसार।
आंतरिक एवं अन्तिम परीक्षा (सिद्धांत व प्रायोगिक) पाठ्यक्रम के अनुसार। सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर संस्थान DNYS डिप्लोमा प्रदान करता है।
प्रमाणन एवं पंजीकरण
कोर्स और परीक्षा सफलतापूर्वक पूरी करने पर संस्थान DNYS डिप्लोमा प्रदान करता है। भारत में प्राकृतिक चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सक पंजीकरण आयुष मंत्रालय के अन्तर्गत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ नेचुरोपैथी (NIN) के नेचुरोपैथी रजिस्ट्रेशन बोर्ड (NRB) तथा अन्य परिषदों (जैसे AINEC) द्वारा नियंत्रित होता है। उत्तीर्ण छात्र सम्बन्धित परिषद से नेचुरोपैथी एवं योग चिकित्सक के रूप में पंजीकरण करा सकते हैं।
करियर के अवसर
DNYS उत्तीर्ण छात्र क्लिनिक, अस्पताल, वेलनेस सेंटर, स्पा, कॉर्पोरेट वेलनेस कार्यक्रम और शिक्षण संस्थानों में कार्य कर सकते हैं – या फिर अपनी स्वतंत्र प्रैक्टिस शुरू कर सकते हैं। प्राकृतिक चिकित्सा की स्वीकार्यता दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है और यह क्षेत्र तेज़ी से विकसित हो रहा है।
अनुमानित आय: प्रैक्टिशनर ₹30,000–₹80,000/माह, योग प्रशिक्षक ₹20,000–₹50,000/माह, वेलनेस सलाहकार ₹40,000–₹1,00,000/माह (संस्थान और भूमिका के अनुसार भिन्न)। आयुष मिशन और फिट इंडिया अभियान के साथ आने वाले समय में अवसर और बढ़ेंगे।